अपना नहीं जग में कोई , निशिदिन भजो श्री भगवान रे। पैर दिये तीरथ करने को, हाथ दिये करो दान रे । …
Category: Bhajan
Govind Hare Gopal Hare-(गोविन्द हरे गोपाल हरे ) ( श्री कृष्ण भजन )।
गोविन्द हरे गोपाल हरे, जय जय प्रभु दीन दयाल हरे ….२ मेंरे मन मंदिर में आ जाओ , मेरी जीवन ज्योत जगा जाओ तुमसे नहीं…
Itna To Karna Swami, Jab Pran Tan Se Nikle.(इतना तो करना स्वामी , जब प्राण तन से निकले)।
इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले। गोविन्द नाम लेकर, राधे का नाम लेकर, जब प्राण तन से निकले, हर हर कंठ बोले। जब प्राण तन से निकले,इतना तो करना स्वामी, …
Prabhu Jee Mero Avgun Chit Na Dharo.(प्रभु जी मेंरो अवगुण चित न धरो ( राम जी का भजन । )
प्रभु जी मेंरो अवगुण चित न धरो ….२ समदर्शी है नाम तुम्हारो , नाम की लाज धरो। प्रभु जी मेंरो अवगुण चित न धरो ………….. एक नदियाँ एक नार, कहावत, मैंलो नीर भरो । दोनों मिल जब एक वरण भइ…
Shri Krishna Stuti . (श्री कृष्ण स्तुति )।
हे कृष्ण करूणासिंधो दीनबंधो जगत्पते। । गोपेश गोपिकाकाकान्त राधाकान्त नमोस्तुते ।। ( हे कृष्ण ! आप दुखियों के सखा तथा सृष्टि के उदगम हैं। आप गोपियों के स्वामी तथा राधारानी के प्रेमी हैं। मैं आपको सादर प्रणाम करता हूँ ।) तप्तकांचन गौरांगि राधे वृन्दावनेश्वरी…
सजन सुधि ज्यों जाने त्यों लीजै (मीरा जी के पद)
सजन सुधि ज्यों जाने त्यों लीजै। तुम बिन मेंरे और न कोई , कृपा रावरी कीजै ।। धौंस न भूष रैन नहिं निद्रा , यह तन पल – पल छीजै । मीरा के प्रभु गिरिधर नागर ,अब मिलि बिछुरनि नहिं कीजै।। …
Rai Shri Ranchhor Deejo Dwarika Ko Bas-(राय श्री रनछोड़ दीजो द्वारिका को बास) (मीरा जी के पद )
राय श्री रनछोड़ दीजो द्वारिका को बास । …
Hari Hari Ho Jan Ki Peer- (हरि हरिहो जन की भीर ) (मीरा बाइ जी के पद )।
हरि हरिहो जन की भीर । द्रौपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर ।। भक्त कारन रूप नरसिंह धरयो आप सरीर । हरिनकस्यप मारि लीनौं धरयो नाहिन धीर ।।…
Meera Hari Ki Larli, Bhagat Mili Bharpoor- (मीरा हरि की लाड्ली ) (मीरा बाइ जी के पद )।
मीरा हरि की लाड़ली, भगत मिली भरपूर । सांधा सूँ सनमुष रही, पापी सूं अति दूर ।। राना विष ताकौं दियो, पियो लै हरि नाम। रातों कीनो भगत मुष, राखो नहिं भव काम ।। …
तेरी मर्ज़ी का मैं हूँ गुलाम (राम जी का भजन )-Teri Marzi ka Mai Hoo Ghulam.
तेरी मर्ज़ी का मैं हूँ गुलाम, मेंरे अलबेले राम,मेंरे अलबेले राम, मेंरे अलबेले राम,तेरी मर्ज़ी का मैं हूँ गुलाम…………………………. … जो भी कराल हूँ सब तुम पर निछावर , -२दौलत मेरी तेरा नाम, मेंरे अलबेले रामतेरी मर्ज़ी का मैं हूँ गुलाम…………………. … थक भी गया हूँ मैं, लंबे सफ़र में। २मेंरा जीना हुआ है…