उठ जाग मुसाफ़िर भोर भइ , अब रैन कहाँ जो सोवत हैं। जो सोबत हैं वो खोबत हैं , जो जागत हैं वो पावत हैं। उठ जाग… जो कल करे सो आज करले , जो आज करे सो अब करले , जब चिड़ियन खेती चुग डाली , फिर पछतायत क्या होवत हैं ।उठ…
Category: Bhajan
Bhaj Man Radhe Govinda.(भज मन राधे गोविन्द )।
भज मन राधे गोविन्द , गोपाला प्रभू का प्यारा नाम है । गोपाला प्रभु का प्यारा नाम है , नन्दलाला प्रभु का प्यारा नाम है -भज मन…… मोर मुकुट सिर उर बनमाला , केशर तिलक लगाये , वृंदावन की कुंज गली में , सबको नाच नचाये । मन भज ले… मैया…
Jis Ki chitvan Ka ishara dil me hai. (जिस की चितवन का इशारा दिल में है।)
जिसकी चितवन का इशारा दिल में है, एक वही दिल का सहारा दिल में है । बस गया जिस दिन से दिल में साँवरा-२ क्या बताएँ, क्या नजारा दिल में है ।जिसकी चितवन… हर जगह पर हमको थी जिसकी तलाश , वह दिले, रहजंग हमारा दिल में है ।जिसकी चितवन… दर्दे दिल को,…
सबका भला करो भगवान – Sab Ka Bhala Karo Bhagwan
सब का भला करो भगवान,
सब का भला करो भगवान ।
दाता दया निधान,
सबका भला करो भगवान ।।
Eshwar Tu Hai Dayalu Dukh Door Kar Hamara (ईश्वर तू है दयालु ,दु:ख दूर कर हमारा । (कृष्णा भजन ) ।
ईश्वर तू है दयालु , दु:ख दूर कर हमारा , तेरी शरण में आये , प्रभू दीजिये सहारा । ईश्वर तू है …………………………….. तू है पिता या माता, सब विश्व का विधाता, तुझसा नहीं है दाता , तेरा सभी पसारा । ईश्वर तू है ………………………………. भूमि ,आकाश , तारे, रवि ,चन्द्र , सिन्धु सारे ,…
माटी का खिलौना , माटी में मिल जायगा (कृष्णा भजन )
Radha Raman ,Radha Raman Kaho. (राधा रमण , राधा रमण कहो )।
जिस काम में , जिस नाम नाम में ,जिस धाम में रहो । राधा रमण , राधा रमण , राधा रमण कहो ।। जिस रंग में , जिस ढंग में , जिस संग में रहो । राधा रमण , राधा रमण , राधा रमण कहो ।। जिस देह…
Prabhu shriRam Ke Charano Me Shabari Ki Ananya Bhakti. (प्रभू श्रीराम के चरणों में शबरी की अनन्य भक्ति)। ,( श्रीराम चरित मानस ) ।
ताहि देइ गति राम उदारा । शबरी कें आश्रम पगु धारा ।। शबरी देखि राम गृहँ आए । मुनि के बचन समुझि जियँ भाए ।। सरसिज लोचन बाहु बिसाला । जटा मुकुट सिर उर बनमाला ।। स्याम ग़ौर सुंदर दोउ भाई । शबरी परी चरन लपटाई ।। प्रेम मगन मुख बचन न आवा । पुनि…
Kanha Tatha Baldaoo Dwara Makhan Roti Kee Mang. कान्हा तथा बलदाऊ द्वारा माखन रोटी की माँग । ( सूरदास जी के पद ) ।
दोउ भैया मैया पै माँगत , दै री मैया , माखन रोटी । सुनत भावती बात सुतनिकी , झूटहिं धाम के काम अगोटी ।। बल ज़ू गह्यो नासिका मोती , कान्ह कुँवर गहि दृढ़ करि चोटी । मानो हंस मोर भष लीन्हें , कबि उपमा बरनै कछु छोटी ।। यह छबि देखि नंद मन आनन्द…
Gopee virah Geet .(गोपी विरह गीत )।
बिन तेरे सुना जग कान्हा ,नैना जल बरसाये । जाने कौन घड़ी गये तुम कान्हा , लौट कर कभी न आये ।। पूछूँ मैं फूलो से भँवरों से कलियों और लताओं से । चले गये कहाँ तुम प्रियतम मुझको बिन बतलाये ।। जाने कौन घड़ी गये तुम कान्हा ,लौटकर कभी न आये । काले बादल…