आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं । करोमि दुर्गे करूणार्णवेशि । नैतच्छठत्वं मम भावयेथा: । क्षुधातृषार्ता जननीं स्मरन्ति ।। हे दुर्गे! हे दयासागर महेश्वरी ! जब मैं किसी विपत्ति में पड़ता हूँ , तो तुम्हारा ही स्मरण करता हूँ । इसे तुम मेरी धृष्टता मत समझना , क्योंकि भूखे – प्यासे बालक अपनी माँ…
Category: Bhajan
माँ से क्षमा प्रार्थना ।
आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं । करोमि दुर्गे करूणार्णवेशि । नैतच्छठत्वं मम भावयेथा: । क्षुधातृषार्ता जननीं स्मरन्ति ।। हे दुर्गे! हे दयासागर महेश्वरी ! जब मैं किसी विपत्ति में पड़ता हूँ , तो तुम्हारा ही स्मरण करता हूँ । इसे तुम मेरी धृष्टता मत समझना , क्योंकि भूखे – प्यासे बालक अपनी माँ…
Karma Bai Kee Khichari (Krishana Bhajan )
बड़े प्रेम से खाई प्रभु ने,करमा बाई की खिचड़ी। कौन समझ सकता ,प्रभु की लीला आश्चर्य भरी, बड़े प्रेम से खाई प्रभु ने , करमा बाई की खिचड़ी । अति पग ,इक तन, तिलक छाप युत, बड़े बड़े आचारी, उत्तम कुल में जन्म कहावे, पंडित और पुजारी । छप्पन भोग ,छतीसो ब्यंजन, भरी स्वर्ण की…
Saraswati vandana (सरस्वती वंदना)
या कुन्देन्दु तुषार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता । या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिमिर्देवै: सदा वंदिता । सा माम पातु सरस्वती भगवती नि:शेषजाड्यापहा ।। ज्ञान दो,ज्ञानदो, हमें ज्ञान दो, ज्ञान दो। हे ब्रह्मा की सरस्वती,विष्णु की वैष्नवी,शक्ति, शिव शंभु की, हे शारदे भगवती, श्री चरणों की छाँव में स्थान दो । ज्ञान दो, ज्ञान दो…
Shri Krishna Tumhare Charano Me,Ek Araj Sunane Aayee Hoo
श्री कृष्ण तुम्हारे चरणों में, मैं अरज सुनाने आई हूँ। वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर तुम्हें रिझाने आई हूँ ।श्री कृष्ण प्रभु का चरणामृत पाने को , मेरे पास कोई है पात्र नहीं । आँखों के दोनों प्यालों में , कुछ भीख माँगने आई हूँ ।।श्री कृष्ण तुमसे पाकर तुमको ही क्या भेंट…
Krishan Janmastmi (2015)
झूला झूले नन्दलाल,झुलावे यशोदा मैया। झुलावे यशोदा मैया,झुलावे हरि की मैया।झूला.. प्रेम मगन हो झूला झुलावें,गोपियन संग सब हिलि मिली गावें। नाच रहें सारा ब्रज धाम,महल में बधाई गावें। सब कर रहें हैं जय जयकार,महल में झूला झुलावें ।झूला नन्द घर आनंद भयो ,जय कन्हैया लाल की । जय कन्हैया लाल की, मदन गोपाल की…
He Deen Bandhu Dayalu guru(Guru vandana )गुरू वन्दना
हे दीन बन्धु दयालु गुरू, केहि भाँति तव गुण गाऊँ मैं । तुम्हरे पवित्र चरित्र केहि विधि , नाथ कहि के सुनाऊँ मैं। जिह्वा अपावन है मेरी , गुरू नाम कैसे लीजिये । तन फँस रहा भव जाल में , गुरू ध्यान किस तरह कीजिये। माता-पिता सुत भ्रात भार्या, कोई संग नहीं जायेंगे। इस पाप…
देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ (Dena ho to dijiye)
देना हो तो दीजिये ,
जनम -जनम का साथ ।
अब तो कृपा कर दीजिये ,
जनम-जनम का साथ।
Milta Hai Sachha Sukh Keval Data Tumhare Charano Me.
मिलता है सच्चा सुख केवल, दाता तुम्हारे चरणों में । विनती है यह पल-पल क्षण-क्षण, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।। चाहे वैरी कुल संसार बने , चाहे जीवन मेरा भार बने । चाहे मौत गले का हार बने , रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में।। …
Dasha Mugh Deen Ki Bhagwan Samhaloge To Kya Hoga.(दशा मुझ दीन की भगवनसम्भालोगे तो क्या होगा ।)
Dasha Mugh Deen Ki Bhagwan Samhaloge To Kya Hoga दशा मुझ दीन की भगवन सम्हालोगे तो क्या होगा । अगर मैं पापी हूँ तो पापहर तुम हो, ये लज्जा दोनो नामों की, मिटा दोगे तो क्या होगा। दशा मुझ दीऩ की। ……………………. यहाँ सब मुझको कहते हैं तू मेंरा है तू मेंरा है, मैं किसका…