Mai Aarti Teri Gaoon मैं आरती तेरी गाऊँ , ओ केशव कुंजबिहारी । मैं नित-नित शीश नवाऊँ , ओ मोहन कृष्ण मुरारी।। है तेरी छवि अनोखी , ऐसी न दूजी देखी । तुझसा न सुंदर कोई , ओ मोर मुकुट धारी।। मैं आरती………………… । जो आए शरण तिहारी , मिट जाए विपदा…
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Achyutashtakam (अच्युताष्टकम् ) ।(with Hindi translation)
अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोलदरं वासुदेवं हरिम् । श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे ।। ( अच्युत ,केशव ,राम नारायण ,कृष्ण ,दामोदर ,वासुदेव हरि श्रीधर , माधव , गोपिकावल्लभ तथा जानकी नायक रामचन्द्रजी को मैं भजता हूँ ।) अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् । इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरम् देवकीनन्दनं नन्दजं सन्दधे ।। ( अच्युत…
Om Jai Shri Krishna Hare.( आरती श्री कृष्ण जी की ।)
ऊँ जय श्री कृष्ण हरे, प्रभु जय श्री कृष्ण हरे , भक्तन के दु:ख सारे पल में दूर करे ।ऊँ जय । परमानन्द मुरारी मोहन गिरधारी , जय रस रास विहारी , जय जय गिरधारी ।ऊँ जय। बरू किंकिन कटि सोहत कानन में बाला , मोर मुकुट पीताम्बर सोहे बनमाला ।ऊँ जय…
Shri Krishna Chalisa.(श्री कृष्ण चालीसा )
मस्तक ।। दोहा ।। वंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुन अधर जनु बिम्ब फल, नयन कमल अभिराम।। पूर्ण इन्दु अरविन्द मुख,पीताम्बर शुभ साज । जय मनमोहन मदन छवि, कृष्ण चन्द्र महाराज ।। ।।चौपाई ।। जय यदुनंदन जय जगवन्दन ।…
Shri Krishna Bhakt Arjun Ki Katha .(श्री कृष्ण भक्त अर्जुन की कथा ।)
ये कथा द्वापरयुग की है , जब भगवान श्री कृष्ण धरती पर अवतार लेकर लीला कर रहे थे , और उस समय द्वारिका के राजा थे।भगवान भोलेनाथ श्री कृष्ण लीला का दर्शन करते हुए ,एक दिन कैलाश पर ध्यान मग्न बैठे थे ।मन ही मन भक्तों की महानता के विषय में सोंच रहे थे। कृष्णभक्त…
Shri Krishna Bhagwan Ke 108 Nam (श्री कृष्ण भगवान के १०८ नाम) ।
ऊँ कन्हैया कृष्ण केशव चक्रधारी नन्दलाल माधव श्यामसुन्दर मुरारी कमलनाथ त्रिभंगी नंदगोपप्रियात्मज गोविन्द द्वारिकानायक नारायण माखन चोर नटनागर मोरमुकुटधारी गीताचार्य नन्दनंदन अविनाशी नरोत्तम नन्द गोप प्रियात्मज गोपेश्वर रणछोड़ गदाधर गोपाल दामोदर ब्रजनाथ दीनबंधु जगदीश दीनानाथ रसिक बिहारी जगतपिता यशोदालाल बाँकेबिहारी मदन मोहन कृपानिधि सर्वरक्षक सर्वशक्तिमान सर्वब्यापक मन हरन बाँकेबिहारी गोपीनाथ ब्रजवल्लभ गोवर्धनधारी घनश्याम परमानन्द जनार्दन…
श्री कृष्ण भक्त रसखान जी की कथा
श्रीकृष्ण के भक्त रसखान एक मुसलमान व्यक्ति थे । उनका असली नाम सैयद इब्राहीम था | उनका जन्म 1548 में हुआ और वे हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण भक्त कवियों में से एक माने जाते हैं |
यह कहानी उस समय की है जब वो अपने उस्ताद के साथ मक्का मदीना, हज पर जा रहे थे।
उनके उस्ताद ने कहा – देखो हिन्दुओं का तीर्थ स्थल वृन्दावन आने बाला है, वहाँ एक काला नाग रहता है। मैंने सुना है , नाग वृंदावन आने बाले यात्रियों को डस लेता है।
Shri Krishna Stuti . (श्री कृष्ण स्तुति )।
हे कृष्ण करूणासिंधो दीनबंधो जगत्पते। । गोपेश गोपिकाकाकान्त राधाकान्त नमोस्तुते ।। ( हे कृष्ण ! आप दुखियों के सखा तथा सृष्टि के उदगम हैं। आप गोपियों के स्वामी तथा राधारानी के प्रेमी हैं। मैं आपको सादर प्रणाम करता हूँ ।) तप्तकांचन गौरांगि राधे वृन्दावनेश्वरी…
Shri Krishna dwara Radha Rani ki Prem Pariksha
इस कहानी को हिन्दी में यहां पढ़ें Ek baar Shri Krishna ko RadhaRani ki pariksha lene ki ichha hui. To unhone apna bhes badal ek gwalin ka roop banaya aur Barsane, jahan Radharani rehti thi, chale gaye. Jab Radharani ne us gwaalin ko dekha, to vah atyant prasann ho uthin. Unke man ke harsh…
Kamal Nayan Hari Karo Kaleva (Soordas Ji ke Pad -१ )।
कमल नयन हरि करो कलेवा माखन रोटी सद्य जाम्यो दधि भाँति भाँति के मेवा खारिक दाख चिरौंजी किशमिश उज्जवल गरी बादाम सझरी सेव छुहारे पिस्ता जे तरबूजा नाम अरु मेवा बहु भाँति भाँति है षटरस के मिस्ठान सूरदास प्रभु करत कलेवा रीझे श्याम सुजान। Jevat Kanha NAND Ek Thaure (जेवत कान्हा नन्द इकठौरे) ।Surdas Jee…