परम पुज्य प्रेमानंद जी महाराज साधक के लिए ध्यान देने योग्य मुख्य बात बताते हुए कहते हैं कि -
धर्म से भ्रष्ट होने के मुख्य कारण प्रलोभन और भय हैं |
उपासक यदि प्रलोभन और भय में नहीं फसे तो साधना में आगे बढ़ जाता है |
प्रलोभन 3 प्रकार के होते हैं- पहली घाटी काम की है, यह कामिनी है. दूसरी बाधा कंचन है. तीसरी है कीर्ति व यश| कोई बिरला ही इन्हें पार पाता है |
(वीडियो में 38:00 min से सुनें)