शिवपंचाक्षरस्तोत्रम् (हिंदी अर्थ सहित) Shri Shiv Panchakshar Stotram (With Meaning)

ॐ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मय नाकाराय नमः शिवाय

जिसके कंठ में सर्पों का हार है, जिसके तीन नेत्र हैं,
भस्म ही जिसका अंगाराग है (अनुलेपन है), दिशाएँ ही जिसका वस्त्र है
उन शुद्ध अविनाशी महेश्वर को नमस्कार है