श्री रुद्राष्टकम् – नमामीशमीशान lyrics in sanskrit
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं ….
यह पोस्ट “श्री रुद्राष्टकम्” का वर्णन करती है, जिसमें भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया गया है। इसमें शिव के निराकार, निर्वाण एवं करुणामय स्वरूपों का उल्लेख है। भक्त इसे भाव और भक्ति से पाठ करते हैं, ताकि वे शांति और सुख प्राप्त कर सकें। शिव को तुषार, गभिर और दयालु कहा गया है, जो सर्व प्राणी के अंतःकरण में निवास करते हैं। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को मनोबल और आत्मिक शक्ति मिलती है। शिव की स्तुति करके, वे कठिनाइयों से मुक्ति और आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं।
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