Durga Ma Ki Aarti (ओम् जग जननी जय जय ) ।

 ” नीरांजनं सुमंगल्यम् कर्पूरेण समन्वितम् ।    चन्द्रार्कवन्हि सदृशं महादेवी नमोस्तुते  ।।” जग जननी जय जय, माँ जग जननी जय जय । भयहारिणी भवतारिणी भवभामिनि जय जय  ।।१ ।।ओम् जग जननी तू ही सत-चित-सुखमय , शुद्ध ब्रह्मरूपा  । सत्य सनातन सुन्दर , पर-शिव सुर भूपा ।।२ ।।ओम् जग जननी आदि अनादि अनामय , अविचल अविनाशी … Continue reading Durga Ma Ki Aarti (ओम् जग जननी जय जय ) ।